
जय निर्मल सांई । 11 ग्यारह 11 ग्यारह 11 ग्यारह वार शुक्रवार दिन के 11 ग्यारह बज कर 11 ग्यारह मिनट पर पाईनापल का बढिया सा केक काटा गया और मेरे हर्ष का जन्मदिवस बड़ी ही धुमधाम से हमारे परम् पूज्य श्री ब्रम्हचारी राजेन्द्रजी कुलथे काकाश्री के परम् आशीर्वाद में मनाया गया । उन्होने उसे आशीष प्रदान किया और हमने सबने मिलकर श्री निर्मलसाईदत्त भगवान से यह प्रार्थना की कि मेरे पुत्र हर्ष पर सदैव उनकी कृपा बरसती रहे । हे निर्मल बाबा मेरे परिवार, मेरी पत्नी, मेरे पुत्र तथा मेरे काकाश्री पर सदैव कृपा बरसाते रहना कोई भी मुश्किल आये सांई आपका साथ हमेशा मेरे साथ रहे आपका हाथ मेरे सर पर रहे मैं कितने भी कष्ट में रहूं पर कष्ट का एक क्षण भी अनुभव न हो यही आपसे विनती है। मेरे पुत्र हर्ष को सदैव निरोगी रखना और उससे सभी जन प्रेम करे यही प्रार्थना है। जय निर्मल सांई । आप सभी के लिए प्रार्थना है कि आप सभी खुश रहे ।

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