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Monday, September 14, 2015

15/09/2015 se subah ka naya niyam banaya

आजचा दिवस फार चांगला आणी पावन पवित्र आहे. कारण आज मी पहाटे 5.30 वाजता उठून आंघोळ, करून पूजा करून सेंधवा येथील किल्ल्याच्या दारावरती असेलेली दोघं मंदिरात गणपति आणि मल्हारी मार्तंभ बटुक बाल भैरव जींचया मंदिरात आणि किल्यामधील पातालेश्वर महादेव व गुरूदत्तांच्या वास असलेल्या औदुंबराचे दर्शन घेवून आलो. तथा राज राजेश्वर यांचे पण दर्शन केले आणि यासाठी मला राजपूत सरांनी प्रेरित केले. त्यांचे म्हणणे आहे कि प्रतिदिवशी जर आपण भगवंताचे दर्शन केले तर आपलं कोणीही काहीही करू शंकत नाही आणि पुष्कळश्या वायफळ गोष्टी आपल्यासमोर येतच नाही. 



Wednesday, May 7, 2014

निर्मल बाबा को सांई बाबा के रूप में देखा जबसे मैंने अपने जीवन को अत्यंत उच्च शिखर पर पाया ।

सांई मुझे हमेशा खुश रखना, आपकी कृपा मेरे परिवार पर सदैव बनी रहे । जबसे मैं निर्मलदरबार से जुड़ा हूं। मुझे मेरे अंदर बहुत से परिवर्तन नजर आने लगे तथा मैं सांई का दिवाना हूं। मेरे पिताजी श्री गुरूदेवदत्त के निःसीम भक्त थे। मैने तो जैसे हमारे परिवार में बताया गया वैसे ही पूजा करते गया । मैने जबसे निर्मल बाबा को सांई बाबा के रूप में देखा जबसे मैंने अपने जीवन को अत्यंत उच्च शिखर पर पाया । मेरा पुत्र हर्ष जिसके नाम से मेरी कम्प्यूटर की दुकान है ‘‘हर्ष कम्प्यूटर’’ जिसमें एम.पी.आॅनलाईन, कम्प्यूटर जाॅबवर्क, कलर फोटोकापी, लेमिनेशन, इंटरनेट संबंधी तथा कम्प्यूटर रिपेयरींग आदि किये जाते है। मेरे सांई दत्त के अवतार है इसलिए हो सकता है कि सांई ने मुझे इतना आशीर्वाद दिया कि मैं उनकी भक्ति कर सकता हूं। और मेरे पुत्र हर्ष के जन्म के बाद से मैं सांई का भक्त हो गया। मैं इतना बड़ा व्यक्ति नहीं कि सांई के बारे में कुछ लिख सकूं । किन्तु मैं यह मानता हूं कि सांई के बगैर किसी का कुछ नहीं हो सकता । सांई कहते है कि जो भी मुझे एक बार याद करता है उसके सारे काज, दुखःसुख मेरे हो जाते है और मैं उसकी हर परेशानी को दूर करने हेतु हमेशा तत्पर रहता हूं।
मैं पहले तंत्रमंत्र, अंगूठी आदि सभी निरर्थक चीजों में बहुत विश्वास करता था। किन्तु जबसे मैं मेरी सासुमां के कहने से निर्मल सांई से जुड़ा मेरी हर परेशानी दूर होती गई। मेरी पत्नी भी उनकी निःसीम भक्त है तथा हमारा सांई और निर्मल बाबा के आशीर्वाद से मकान बन गया । बस यही एक इच्छा है कि वह हमेंशा खुश रखे और हमारे सम्पूर्ण परिवार पर कृपा बनाये रखे।
निर्मल बाबा कहते है सांई की उदी (विभूति) का एक कण हमेशा हते में एक बार आपने ग्रहण करना चाहिए तो आपके परिवार पर सांई की कृपा निरंतर बनी रहेगी। तथा प्रति गुरूवार सांई के दर्शन करने से भी सांई की कृपा बनी रहती है। सांई दत्त के अवतार होने से सभी देवों के देव केवल सांई है। सांई किसी के अवतार नहीं है सांई के सभी अवतार है ऐसा किसी सांईभक्त ने अपने किताब में लिखा है।
सांई की महिमा को मानते हुए मैं निर्मलबाबा से जुडा और निर्मल बाबा भी कहते है आप जिसको भी मानते हो उनको आप दिल से मानो और उनकी ही पूजा करो, निरर्थक चीजों के पीछे या ढोंगी, साधू या जो दिखावा करते है उनके चक्कर में नहीं फंसें। क्योंकि भगवान से बड़ी शक्ति कोई हो ही नहीं सकती। यदि आपको शिव की भक्ति पानी है तो शिवसांई का स्मरण करो, यदि आपको राम का आशीष पाना है तो सांईराम का स्मरण करो, यदि आपक कृष्ण की कृपा को पाना है तो आप सांईकृष्ण का स्मरण करो क्योंकि सांई कहते है मैं ही आदि मैं ही अंत तथा मैं आपकी मां, बाप, बहन, भाई, पुत्र, पुत्री, सगा, संबंधी, आपको पूर्वज और आपका हितैषी हूं । केवल मेरे नाम से ही तुम तर जाओगे। जैसे किसी जख्म को डाॅक्टर मरहम से 10 दिन में ठीक करता है वैसे ही बुरे विचार, और बुरे समय को सांई के नाम निरंतर जपने से वह सभी विकार ठीक हो जाते है क्योंकि सांई केवल सांई है । सांई को आपने यदि पाना है तो केवल आंखे बंद करके जो भी सांई की छबि आपके मन में हो उसे याद करो ऐसा लगेगा कि सांई, राम, कृष्ण, शिव, गणेश पूरा परिवार आपके आंखो के सामने नृत्यमय हो जायेगा और जो अःसीम आनंद आपको प्राप्त होगा वह आप कभी भूल नहीं पाओगे।
कहते है जब भी किसी के मिलने से आपका मन और आपका आचरण परिवर्तन हो जाये और आप सभी चीजों से दूर हो जाये और अनंत आनंद की सहज विभूति प्राप्त हो जाये तो उसी को आप अपना गुरू मान लिजिए वैसे ही जबसे मैं निर्मल सांई के शरण में आया हूं । मैं उनका कोई भी प्रोग्राम प्रतिदिन एक बार तो अवश्य सुनता हूं । मेरा मानना है कि जिसे भी आप गुरू मानों उसकी आवाज में इतनी पाॅवर होती है कि आपकी सभी समस्याएं, आपके परिवार में किसी भी प्रकार की निगेटीव एनर्जी को वह दूर भगा सकते है आपके परिवार की सभी कठिनाईयां दूर कर सकते है। इसलिए अवश्य ही सांई भजन, निर्मलदरबार की कैसेट सुनना चाहिए तथा उनके दर्शन अवश्य करने चाहिए। प्रति गुरूवार आप सांई के दर्शन करोगे तो अवश्य पाओगे कि सांई आपके है और आप सांई के । जय निर्मल सांईनाथ ।

Wednesday, May 2, 2012

बाबा पर दृढ विश्वास मेरा ............... आज भी होते है मेरे काम लेकर निर्मलसांई का नाम

बाबा पर दृढ विश्वास मेरा ............... आज भी होते है मेरे काम लेकर निर्मल
सांई का नाम .......................चाहे कोई चोर कहे चाहे कोई शिरजोर मेरे बाबा तो है सिरमौर ................ जय निर्मल बाबा की ......................
 बाबा जय निर्मल बाबा जिन्हे लोगों ने सांई का अवतार माना मैं मानता हूं कि बाबा के पास अत्यधिक पैसा आ गया है लेकिन वह पैसा उन्हे उनके भक्तों ने दिया है वे किसी के पास चंदा मांगने, डकैती डालने, या फिर कोई गंदे धंदे कर उन्होने नहीं कमाया है इसलिए मेरा विश्वास है कि जितने भी निर्मल बाबा के भक्त है वे उन पर अटल श्रद्धा रखें मैं भी नहीं कहता कि वे उन्हें दसवंद भेज दसवंद ना भेजे पर उनके बताये गये रास्तों पर चलकर अपने इमान को कायम रखे अपनी नियत अपना व्यवसाय अपने इष्ट को पूजना सांई मंदिर जाना वहां पर पैसे चढाना बंद मत कीजिए क्योंकि वे साक्षात सांई के अवतार है और यह एक विडंबना है कि उन पर इतना बुरा समय आ गया है मैं ईश्वर सांई से प्रार्थना कामना करता हूं कि इस समय निर्मल
 बाबा की सांई शिव भगवान रक्षा करे और उन्हें कोई भी ऐसा कृत्य न करने दें जिससे भक्तों के दिलों को चोट पहुंच सके जय निर्मल सांई की

अच्छे विश्वसनीय (निंदनीय) लोगों द्वारा दिया गया सरल साधारण को धोखा .........

अच्छे विश्वसनीय (निंदनीय) लोगों द्वारा दिया गया सरल साधारण को धोखा .........
पूर्ण विश्व में शक्तियों के कारण तथा मेरी वजह से सारे काम होते है, ऐसा श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है श्रीकृष्ण कहते है कि दुनिया में अपनी नीति, अपने नियम, अपना ईष्ट एक ही होना चाहिए अपनी स्त्री और अपनी लक्ष्मी के प्रंति वफादार रहना चाहिए।
    मेरा यह कहना है कि दुनिया में किसी ने भी किसी के भी एक पैसा हो या एक रूपया हो या एक लाख एक करोड़ वह एक बार लेना भूल सकता है लेकिन एक भी ऐसा आदमी मुझे कोई बात दे जो देना भूल गया हो, हां यह बात अलग है कि उसकी नियत खराब हो जाये या ज्यादा जैसे देकर वह यह कह दे कि मुझे नहीं देना है तो उसका भुगतान इस धरती पर और इसी जीवन पर करना है ।
    मैं इतना सरल और सादा जीवन व्यतीत कर रहा हूं कि मुझे श्री राजेन्द्र शर्मा (राजा) जो मेरे जीवन में आदर्श के रूप् में रहे उन्होने मुझे वर्ष 2011 मंे एक प्लान बताया कि तुझे अजजा के 22 छात्राओं को पढाना है जिसमें जो भी मिलेगा उसमें 50 - 50 प्रतिशत अपन दोनो बांट लेंगे। जो खाद्य विकास प्रशिक्षण निगम के अंतर्गत उन्हें 1000 रू प्रतिमाह के हिसाब से दो माह मैने प्रशिक्षण दिया उसमें मैने उनके लिए खुर्सी, दरी, कम्प्यूटर बिजली खर्चा की । तथा मार्च 2012 के पहले मैं स्वयं के व्यय से 500 रू खर्चा कर इंदौर गया और 57000 रूपये का चेक लाया । जब चेक राजा शर्मा के हाथ में दिया तो उनकी नियत पलट गई उन्होने सीधे कहा तुझे केवल 8 हजार मिलेंगे जबकि मेरा हिस्सा करीब 22 से 25 हजार बन रहा था। मेरे बाद में कहने पर उन्होने 10 हजार रूपये दिये । मैं कहता ईश्वर ऐसा क्यों करता है कि हम जिस पर विश्वास करते है वहीं हमें धोखा देता है। मेरी बाबा से दुआ है कि बाबा इसकी रक्षा करे अन्यथा मेरी बददुआ से यह आदमी नहीं बच पायेगा। इसी तरह सन 2003 में राजेन्द्र गाड़वे कांग्रेस का नेता जो बहुत हरामखोर है ने मेरे 25 हजार रूपये खा लिये जिसमें राजेन्द्र मोतियानी ने गारंटी ली थी मुझे लगता है राजेन्द्र नाम के कुछ व्यक्ति मेरी जिंदगी के लिए अभिशाप रहे है। मैं कहता हूं कि जिस जिस ने मेरे साथ धोखा किया है भगवान उनको ऐसी सजा दे कि वे जिंदगी में फिर किसी के साथ धोखा और किसी का पैसा खाने लायक बचे ही नहीं । यह मेरी जीवन की सच्चाई है और इसे मैं इसलिए नेट पर नहीं डाल रहा हूं कि इन लोगो से मुझे कोई लेना देना है मैं तो कहता हूं कि हो सकता है भगवान इनको एक दिन सजा जरूर दे पर मैं अपने सादे जीवन उच्च विचारों के चलते इनके खिलाफ कोई कार्यवाही या इन्हे कुछ कह नहीं सकता। राजेन्द्र शर्मा राजा भैया फिर अप्रैल के अंत में उसके जैसा ही एक प्रोजेक्ट लाये पर इस बार उनकी नियत इतनी खराब हो चुकी है कि वे इसमें कपिलेश जो उनका रिश्तेदार है उसके नाम से चलाकर पूरा 60 से 80 हजार रूपया खा जाना चाहते है किन्तु यह पैसा इन्हे पचेगा कैसे। यह बड़े निर्मल बाबा के भक्त बनते है बाबा तो सच्चाई, और नियम पर चलने को कहते है तथा किसी का दिल नहीं दुखाना किसी की आह नहीं लेना तो बताओं यह लोग कैसे मेरी आह से बच सकेंगे। मैने मेरी सच्चाई बयां कर दी आपकी भी कोई सच्चाई हो जो जीवन में कड़वी लगी हो तो निर्मलसांई का नाम लेकर अपने ब्लाग पर लिख दें। ईश्वर आपकी अवश्य सहायता करेंगें । अपनी सच्चाई और इमानदारी से कार्य करने वालों का ईश्वर साथ देता हैं। जय निर्मल दरबार की जय निर्मलसांईदत्त भैरव नाथ की .....

Thursday, November 24, 2011

श्री निर्मल बाबाजी की कृपा


आज का दिन 23 11 2011 बुधवार मुझे ओरियंटल बैंक आॅफ काॅमर्स में 4 बजे जाना था मेरा लोन सेंक्शन होने वाला था। मैं निर्मल बाबा जी का नाम लेकर गया मेरे डाक्युमेंट्स चेक कराने। कैलाश डेकाटे साहब एवं पूर्ति जी द्वारा मुझे 2 लाख का लोन न देते हुए 1 लाख के अंदर हम आपको सेंक्शन कर देंगे। ऐसा आश्वासन दिया गया। श्री निर्मल बाबाजी यह आपकी ही कृपा है कि मेरा लोन सेंक्शन हो गया । बाबाजी मुझे 2 लाख का भी सेंक्शन कर देते परन्तु मेरा प्लाट पर मकान बनवाना है इस हेतु साहब ने बोला हाउस लोन भी हमारे यहीं से लेना । बाबा आप विश्वास नहींे मानोगे मैं इतना खुश हुआ बस बाबा मेरी नजुल की एनओसी क्लियर हो जाये तो मेरा मकान भी आपके आशीर्वाद से बन जायेगा । निर्मल बाबाजी को मेरा मेरे परिवार का मेरे हर्ष की ओर से कोटी कोटी प्रणाम। बाबाजी मेरी दुकान पर आपकी कृपा बरसाना ।
मैं बड़ा ही अध्यात्मवादी हूं। वैसे मै अपने आपको इतना अच्छा नहीं समझता क्योंकि मुझे कभी भी फालतू की बातों में भी गुस्सा आ जाता था पर जबसे मैं बाबाजी की कृपा का पात्र बना मेरा गुस्सा जाता रहा। और मेरा आत्मविश्वास बाबा और दृढ बनाये ऐसी बाबा से मेरी विनम्र विनती।

Thursday, November 10, 2011

मेरे हर्ष का जन्मदिवस बड़ी ही धुमधाम


जय निर्मल सांई । 11 ग्यारह 11 ग्यारह 11 ग्यारह वार शुक्रवार दिन के 11 ग्यारह बज कर 11 ग्यारह मिनट पर पाईनापल का बढिया सा केक काटा गया और मेरे हर्ष का जन्मदिवस बड़ी ही धुमधाम से हमारे परम् पूज्य श्री ब्रम्हचारी राजेन्द्रजी कुलथे काकाश्री के परम् आशीर्वाद में मनाया गया । उन्होने उसे आशीष प्रदान किया और हमने सबने मिलकर श्री निर्मलसाईदत्त भगवान से यह प्रार्थना की कि मेरे पुत्र हर्ष पर सदैव उनकी कृपा बरसती रहे । हे निर्मल बाबा मेरे परिवार, मेरी पत्नी, मेरे पुत्र तथा मेरे काकाश्री पर सदैव कृपा बरसाते रहना कोई भी मुश्किल आये सांई आपका साथ हमेशा मेरे साथ रहे आपका हाथ मेरे सर पर रहे मैं कितने भी कष्ट में रहूं पर कष्ट का एक क्षण भी अनुभव न हो यही आपसे विनती है। मेरे पुत्र हर्ष को सदैव निरोगी रखना और उससे सभी जन प्रेम करे यही प्रार्थना है। जय निर्मल सांई । आप सभी के लिए प्रार्थना है कि आप सभी खुश रहे ।

मेरे हर्ष का जन्मदिवस बड़ी ही धुमधाम से


11 ग्यारह 11 ग्यारह 11 ग्यारह वार शुक्रवार दिन के 11 ग्यारह बज कर 11 ग्यारह मिनट पर पाईनापल का बढिया सा केक काटा गया और मेरे हर्ष का जन्मदिवस बड़ी ही धुमधाम से हमारे परम् पूज्य श्री ब्रम्हचारी राजेन्द्रजी कुलथे काकाश्री के परम् आशीर्वाद में मनाया गया । उन्होने उसे आशीष प्रदान किया और हमने सबने मिलकर श्री निर्मलसाईदत्त भगवान से यह प्रार्थना की कि मेरे पुत्र हर्ष पर सदैव उनकी कृपा बरसती रहे । हे निर्मल बाबा मेरे परिवार, मेरी पत्नी, मेरे पुत्र तथा मेरे काकाश्री पर सदैव कृपा बरसाते रहना कोई भी मुश्किल आये सांई आपका साथ हमेशा मेरे साथ रहे आपका हाथ मेरे सर पर रहे मैं कितने भी कष्ट में रहूं पर कष्ट का एक क्षण भी अनुभव न हो यही आपसे विनती है। मेरे पुत्र हर्ष को सदैव निरोगी रखना और उससे सभी जन प्रेम करे यही प्रार्थना है। जय निर्मल सांई । आप सभी के लिए प्रार्थना है कि आप सभी खुश रहे ।